युगांडा में राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए ‘किसानजा नो मोर स्लीप’ अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में सुस्ती, भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करना है। इस अभियान में त्वरित कार्यान्वयन और मापने योग्य परिणामों पर जोर दिया गया है। हालांकि, चिकित्सा प्रशिक्षुओं के अधिकारों को कमज़ोर करने से राष्ट्रीय विकास की इस मुहिम को झटका लग सकता है। यह मुद्दा हाल ही में युगांडा के 2026/2027 के राष्ट्रीय बजट की प्रस्तुति के दौरान उठाया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि कुशल चिकित्सा पेशेवरों का हतोत्साहन देश के स्वास्थ्य क्षेत्र और समग्र प्रगति को प्रभावित कर सकता है। सरकार से इस मामले पर ध्यान देने और प्रशिक्षुओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की जा रही है ताकि राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। यह मामला ‘द ऑब्जर्वर मीडिया लिमिटेड’ में प्रकाशित हुआ है।