युगांडा में स्वर्ण निर्यात में भारी वृद्धि हुई है, और यह अब कॉफी से आगे देश का सबसे बड़ा निर्यात बन गया है। 2025 में स्वर्ण निर्यात लगभग 5.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया। हालांकि, नागरिक समाज संगठनों ने चिंता व्यक्त की है कि इस वृद्धि के बावजूद देश को अपेक्षित राजस्व लाभ नहीं मिल रहा है। ऑक्सफैम के ऊर्जा और निष्कर्षण उद्योग समन्वयक मगारा सिरागी लुईमा ने इस मुद्दे पर प्रकाश डाला है। उनका कहना है कि निर्यात बढ़ रहा है, लेकिन इसका वित्तीय लाभ युगांडा तक सीमित है। नागरिक समाज संगठनों का मानना है कि स्वर्ण क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस मामले में सुधार के लिए सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की जा रही है।