युगांडा अपनी आवश्यकता से अधिक भोजन का उत्पादन करता है, और पड़ोसी देशों को मक्का, सेम और चावल निर्यात करता है। यह देश की कृषि-खाद्य प्रणाली की एक बड़ी ताकत है। हालांकि, किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इस अधिशेष का लाभ किसानों तक पहुंचना महत्वपूर्ण है। किसानों की समृद्धि अफ्रीका की समृद्धि से जुड़ी है। सरकार और संबंधित संस्थानों को किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए नीतियां बनानी चाहिए। बेहतर बाजार पहुंच और उचित मूल्य निर्धारण से किसानों को सशक्त बनाया जा सकता है। यह न केवल किसानों की आजीविका में सुधार करेगा, बल्कि खाद्य सुरक्षा को भी बढ़ाएगा।