युगांडा ने अपनी स्वतंत्रता के 64 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और कपास अभी भी देश के पारंपरिक नकदी फसलों में से एक बना हुआ है। हालांकि, उत्पादन और निर्यात आय अपने पूर्व स्तर से काफी कम रह गई है। 1972 में 78,000 टन उत्पादन 1976 में गिरकर 14,000 टन और 1987 में केवल 2,000 टन रह गया। यह गिरावट युगांडा की अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंता का विषय है। कपास कभी युगांडा के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत था, लेकिन पिछले कुछ दशकों में इसका महत्व कम हो गया है। सरकार अब उत्पादन बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। यह देखना बाकी है कि क्या ये प्रयास कपास को युगांडा की अर्थव्यवस्था में उसकी पूर्व स्थिति पर वापस लाने में सफल होंगे।