युगांडा के बुडुडा जिले का कुबेवो गांव जलवायु परिवर्तन के कारण बार-बार आने वाले भूस्खलन के खतरे के बावजूद लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। पीटर किबेटी जैसे निवासी, जानते हुए भी कि यह जगह खतरनाक है, वापस लौट रहे हैं। 2010 में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जिसमें नामेस्टि, नामाकंसा और कुबेवो गांव पूरी तरह से दबे हुए थे। इसके बावजूद, लोग अपने घरों और जमीन से दूर नहीं जा पा रहे हैं। यह घटना जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले पलायन और जीवित रहने की कठिन परिस्थितियों को दर्शाती है। बुडुडा जिले में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव गंभीर हैं और इससे लोगों के जीवन और भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। यह कहानी एक कठिन विकल्प को उजागर करती है: सुरक्षित रहना या अपनी जड़ों को छोड़ना।

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