युगांडा के पूर्व महापौर एरियस लुकवागो को देशद्रोह के आरोप में मुख्य मजिस्ट्रेट न्यायालय, माकिन्दे में पेश किया गया। इससे पहले, उन्हें बुधवार को किरा प्रभाग पुलिस मुख्यालय में पूछताछ के लिए ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने अपने वकील मेडर्ड लुबेगा की उपस्थिति में अपना बयान दर्ज कराया। लुकवागो पर लगे आरोपों की प्रकृति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मामला युगांडा की सुरक्षा के लिए गंभीर माना जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलचलों में वृद्धि हुई है। न्यायालय में लुकवागो के समर्थकों की भारी भीड़ जमा होने की संभावना है। मामले की आगे की सुनवाई जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। यह घटना युगांडा में राजनीतिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर सवाल खड़े करती है।