बुगांडा रोड मुख्य मजिस्ट्रेट अदालत ने वकील माले माबिरिजी को अनिवार्य जमानत दे दी है। अदालत ने पाया कि माबिरिजी ने बिना मुकदमे के शुरू हुए ही संवैधानिक रूप से निर्धारित 60 दिनों से अधिक समय रिमांड पर बिताया है। मुख्य मजिस्ट्रेट रीता नेउम्बे किदासा ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने माबिरिजी को 2 मिलियन शिलिंग की नकद जमानत राशि भरने का आदेश दिया है। यह निर्णय संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर लिया गया है। इस आदेश के बाद अब माबिरिजी जेल से बाहर आ सकेंगे। यह मामला कानूनी प्रक्रिया में होने वाली देरी और मानवाधिकारों से संबंधित है।

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