2014 के मध्य में, तोरो साम्राज्य के राजा ओयो निंबा कबांबा इगुरु रुकिदी IV ने अपनी पैतृक भूमि के विभाजन के विरोध में उपवास करने की घोषणा की। यह कदम तब उठाया गया जब ओबुसिंगा ब्वा र्वेन्ज़ुरुuru नामक दो नई सांस्कृतिक संस्थाओं को औपचारिक मान्यता दी गई। राजा ओयो ने महसूस किया कि यह मान्यता तोरो की सीमाओं को विभाजित कर रही है। इस निर्णय के खिलाफ़ राजा का उपवास एक स्पष्ट विरोध था। राष्ट्रपति युवेरी मुसेवेनी ने राजा के इस कदम पर तीखा जवाब दिया, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। इस घटना से युगांडा में सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों पर सवाल खड़े हो गए। यह घटना तोरो साम्राज्य के क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए राजा के प्रयासों को दर्शाती है।