लंदन के फुटबॉल मैदान से युगांडा के एक पारंपरिक राज्य के सिंहासन पर बैठने का अवसर जॉर्ज डेसमंड कामुरासी के सामने आया था। कामुरासी एक कुशल फुटबॉलर हैं और उन्होंने फुटबॉल के प्रति अपना समर्पण चुना। उन्हें शाही पद की पेशकश की गई, जो उनके लिए एक अप्रत्याशित प्रस्ताव था। हालांकि, उन्होंने सिंहासन स्वीकार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनका जुनून फुटबॉल में ही है। यह घटना युगांडा में काफी चर्चा का विषय बन गई है। कामुरासी के इस फैसले से पता चलता है कि वे अपने खेल के प्रति कितने समर्पित हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे एक खिलाड़ी के रूप में ही रहना चाहते हैं।