युगांडा की नई सामाजिक फिल्म ‘मामा वांगे’ 10 मई को मदर्स डे पर प्रदर्शित हुई और दर्शकों को आकर्षित कर रही है। यह फिल्म कंपाला के नामुवोंगो इलाके में रहने वाली एक संघर्षरत एकल माँ की कहानी है। फिल्म में दिखाया गया है कि वह जीवित रहने, त्याग करने और अपने बच्चे का पालन-पोषण करने के लिए किन मुश्किलों का सामना करती है। ‘मामा वांगे’ युगांडा में माताओं के गुमनाम संघर्षों पर प्रकाश डालती है। फिल्म की कहानी दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ती है और सामाजिक मुद्दों पर सोचने को मजबूर करती है। यह फिल्म सेंचुरी सिनेमा, एकेशिया मॉल में प्रदर्शित की जा रही है और व्यापक रूप से सराही जा रही है। फिल्म निर्माताओं का उद्देश्य इस कहानी के माध्यम से माताओं के प्रति सम्मान और सहानुभूति बढ़ाना है।
