देई बायोफार्मा लिमिटेड और उसके मालिक माथियास मगुला की याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। यह याचिका इक्विटी बैंक युगांडा और इक्विटी बैंक केन्या में लिए गए ऋणों की स्वतंत्र जाँच को रोकने के लिए दायर की गई थी। देई बायोफार्मा, एक फार्मास्युटिकल स्टार्टअप है, जिसे सरकार से अरबों शिलिंग की फंडिंग मिली है। यह फंडिंग दवाइयों के उत्पादन में सहायता के लिए दी गई थी। अदालत ने अब स्वतंत्र ऑडिट की अनुमति दे दी है, जिससे कंपनी के वित्तीय लेन-देन की गहन जाँच हो सकेगी। मगुला का तर्क था कि ऑडिट अनावश्यक है, लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। इस फैसले से देई बायोफार्मा के वित्तीय संचालन पर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

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