युगांडा में एक युवा व्यक्ति, स्टीफन नुवागाबा, ने संसद और राष्ट्रपति भवन में घुसपैठ की। उसने स्पीकर अनीता एनेट अमंग से संपर्क किया और धीरे-धीरे राष्ट्रपति के करीब पहुंच गया। नुवागाबा पर कई लोगों को धोखा देने और गलत जानकारी फैलाने का आरोप है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति ने अपने कई कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। यह मामला युगांडा की राजनीति में विश्वासघात और सत्ता के दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण है। नुवागाबा को ‘रास्पुटिन’ के रूप में वर्णित किया जा रहा है, जो रूसी इतिहास में एक प्रभावशाली धोखेबाज था। इस घटनाक्रम ने युगांडा में राजनीतिक हलचल मचा दी है और पारदर्शिता की मांग तेज कर दी है। जांच चल रही है और आगे भी कई खुलासे होने की संभावना है।