युगांडा में विपक्ष के नेता, जोएल सेनेयोनी, ने संसद को अवकाश से बुलाने के लिए स्पीकर को याचिका दी है। उनका कहना है कि देश में मानवाधिकारों के उल्लंघन, जबरन गायब होने की घटनाओं और कानून के शासन की अनदेखी बढ़ रही है। सेनेयोनी ने 17 जून को स्पीकर जैकब मार्क्सन ओबोथ-ओबोथ को एक पत्र लिखा, जिसमें इस गंभीर स्थिति पर तत्काल चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विपक्ष का मानना है कि संसद को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए। यह याचिका देश में बढ़ती अशांति और मानवाधिकारों के हनन की चिंताओं के बीच आई है। डिप्टी स्पीकर को भी इस पत्र की प्रति भेजी गई है। इस मामले में आगे की कार्रवाई संसद के निर्णय पर निर्भर करेगी।