युगांडा में चल रहे मॉली कटांगा और अन्य के मुकदमे में एक ब्रिटिश फोरेंसिक विशेषज्ञ ने अदालत को बताया है कि डीएनए सबूत यह निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि हत्यारे बंदूक किसने चलाई। जस्टिस रोसेट कम्फर्ट कानिया के सामने दिए बयान में, विशेषज्ञ एंथनी नैटिफ ने कहा कि आदर्श परिस्थितियों में भी, डीएनए परिणाम निर्णायक रूप से यह नहीं बता सकते कि किसने गोली चलाई। यह बयान मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि अभियोजन पक्ष डीएनए सबूतों पर निर्भर कर रहा था। नैटिफ की गवाही से बचाव पक्ष को मजबूती मिल सकती है। अदालत में दर्ज किए गए रिकॉर्ड के अनुसार, यह जानकारी एंथनी नैटिफ के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से भी ली गई है। यह मामला युगांडा में काफी चर्चित है और इसकी सुनवाई जुलाई 2026 तक जारी रहने की संभावना है।