युगांडा मानवाधिकार आयोग (UHRC) में वित्तीय अनियमितताओं, पद के दुरुपयोग और कुप्रबंधन के आरोपों के कारण संकट उत्पन्न हो गया है। आयोग के तीन सदस्यों - सिमेओ न्सुबुगा, कर्नल (सेवानिवृत्त) स्टीवन बसालीज़ा और जैकलेट अतुहैर रवाबुकुरुकुरू - ने राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ गवर्नमेंट (IGG) से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दस्तावेज़ों में अपनी शिकायतों का विस्तृत विवरण दिया है, जिसमें वित्तीय कदाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं। यह मामला आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राष्ट्रपति और IGG से मामले की गहन जांच की उम्मीद है। आरोपों की पुष्टि होने पर आयोग के कामकाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह घटना युगांडा में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्थाओं की अखंडता के लिए एक चुनौती है।