युगांडा में भीड़ हिंसा की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, हाल ही में एक रग्बी खिलाड़ी सिडनी गोंगोड्यो की भी इसी तरह हत्या कर दी गई। इस घटना ने देश में एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि लोग इस तरह की हिंसा को होते हुए भी क्यों चुप रहते हैं और हस्तक्षेप नहीं करते। अक्सर, ये घटनाएं सार्वजनिक रूप से, कई प्रत्यक्षदर्शियों के सामने घटित होती हैं, लेकिन कोई भी रोकने का प्रयास नहीं करता। विशेषज्ञों का मानना है कि कानून व्यवस्था की कमजोरी, जनता का पुलिस पर अविश्वास और त्वरित न्याय की कमी इसके मुख्य कारण हैं। सरकार ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है और भीड़ हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। इस समस्या से निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।