युगांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच अल्बर्टाइन ग्रेबेन में संभावित संयुक्त तेल विकास पर चल रही वार्ताओं को लेकर नागरिक समाज संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। इन संगठनों का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और इसके दूरगामी पर्यावरणीय और सामाजिक परिणाम हो सकते हैं। 'नोत्र तेर सान्स पेट्रोले' (NTSP) और 'स्टॉप ईएसीओपी' जैसे गठबंधन पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि तेल विकास से स्थानीय समुदायों और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नागरिक समाज यह सुनिश्चित करने का आग्रह कर रहा है कि वार्ताओं की जानकारी सार्वजनिक हो और हितधारकों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाए। पारदर्शिता की कमी के कारण संभावित पर्यावरणीय क्षति और सामाजिक अन्याय की आशंका व्यक्त की जा रही है। संगठनों ने सरकारों से जवाबदेही और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।