युगांडा के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर-दिसंबर की बारिश की देरी जरूरी नहीं कि मौसम के पूर्वानुमान का खंडन करे। उनका स्पष्टीकरण है कि एल नीनो का मतलब यह नहीं है कि तुरंत या व्यापक रूप से भारी बारिश होगी। सितंबर में देश के कुछ हिस्सों में औसत से कम बारिश हुई और बारिश के दिनों की संख्या भी कम रही, जिससे मौसमी बारिश पर निर्भर कृषि गतिविधियों में बाधा आई। मौसम वैज्ञानिक इस स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और किसानों को सलाह दे रहे हैं। एल नीनो की स्थिति जटिल है और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर भिन्न हो सकती है। युगांडा में इस वर्ष एल नीनो का प्रभाव अलग दिख रहा है, इसलिए सावधानी बरतना और नवीनतम अपडेट पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।