यूएफ़ा ने कहा है कि फीफा द्वारा निजी निवेश पर अपने फैसले से पलटने के बाद भी, विश्व कप के बहिष्कार की उनकी नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा। यूएफ़ा ने दो शर्तों के बारे में बताया था, जिनमें से एक शर्त तो पूरी हो गई है, लेकिन दूसरी अभी भी अधूरी है। फीफा ने पहले निजी निवेश को लेकर एक कदम उठाया था, लेकिन यूएफ़ा की मांग के अनुसार, वह पर्याप्त नहीं था। यूएफ़ा ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विश्व कप का बहिष्कार जारी रहेगा। इस फैसले से फीफा और यूएफ़ा के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इस मामले पर क्या होता है। यूएफ़ा का यह रुख, फुटबॉल जगत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।