केंद्रीय अपराध जांच इकाई (यूसीओ) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सैंटोस सेर्डन और उनके सहयोगियों ने सर्विनबार नामक कंपनी से 323,000 यूरो (लगभग ₹3.2 करोड़) प्राप्त किए। यह कंपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसकी जांच चल रही है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि सेर्डन को किए गए भुगतान तब अपने चरम पर थे जब आबालोस मंत्री थे। यह मामला राजनीतिक भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। जांच से यह पता चला है कि सर्विनबार से प्राप्त धन का उपयोग संदिग्ध उद्देश्यों के लिए किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। यूसीओ इस मामले की गहन जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।