राष्ट्रीय डिलीवरी उद्योग संघ ने उबर ईट्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि उबर ईट्स उन डिलीवरी कर्मचारियों को कम भुगतान कर रहा है जो एक साथ कई ऑर्डर वितरित करते हैं, जिसे "स्टैक्ड ऑर्डर" कहा जाता है। संघ का तर्क है कि यह अभ्यास श्रमिकों के उचित मुआवजे को कम करता है। यह मामला गिग इकोनॉमी में श्रमिकों के अधिकारों पर व्यापक बहस का हिस्सा है। यह विवाद उबर ईट्स के भुगतान मॉडल और डिलीवरी कर्मचारियों के लिए उचित वेतन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सवाल उठाता है। इस मुकदमे का परिणाम अन्य डिलीवरी कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है। इस तरह के मुद्दे पहले भी सामने आ चुके हैं और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए नियमों की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।