संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान को 10 से 20 बिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करने पर सहमति जताई है। इस कोष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, 300 करोड़ डॉलर से अधिक, पहले ही ईरान को जारी किया जा चुका है। यह कदम ईरान की अर्थव्यवस्था को सहारा देने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। यूएई का यह निवेश ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने का संकेत देता है। इस कोष का उपयोग ईरान में विभिन्न विकास परियोजनाओं और आर्थिक सुधारों के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहायता ईरान को अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगी। यह निवेश क्षेत्रीय भू-राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।