संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर माली में अल-कायदा के लड़ाकों द्वारा बंधक बनाए गए एक बंधक की रिहाई के लिए फिरौती देने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत में, अल-कायदा के लड़ाकों को एक रिकॉर्ड राशि में फिरौती का भुगतान किया गया था। यह भुगतान अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादियों को धन मुहैया कराने जैसा है। रॉयटर्स ने इस रिपोर्ट को उजागर किया है, जिससे क्षेत्र में यूएई की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना साहेल क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकती है। रिपोर्ट में यूएई द्वारा फिरौती के भुगतान के तरीकों और इसके संभावित परिणामों पर प्रकाश डाला गया है। इस खुलासे से आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है।