हाल के वर्षों में विश्व स्तर पर टाइप-2 मधुमेह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक नए शोध में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया है कि यह बीमारी बुजुर्गों की तुलना में युवा महिलाओं में अधिक तेजी से फैल रही है। कम उम्र में टाइप-2 मधुमेह होने पर यह अधिक गंभीर रूप ले सकता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यूके के 'डायबिटीज यूके' द्वारा प्रकाशित अध्ययन में इस प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला गया है। विशेषज्ञ कम उम्र में मधुमेह के बढ़ते मामलों को लेकर चिंतित हैं और इसके कारणों की जांच कर रहे हैं। यह शोध मधुमेह की रोकथाम और शुरुआती पहचान के महत्व पर जोर देता है। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप की आवश्यकता है।