तुर्की सेना द्वारा अनिवार्य सैन्य सेवा के लिए भर्ती होने वालों की यौन अभिविन्यास की जांच की जा रही है। यह प्रक्रिया विवादास्पद रही है और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसकी आलोचना की है। कलाकार ओनुर तयरानोग्लू ने इस मुद्दे पर अपनी कला के माध्यम से ध्यान आकर्षित किया है। उनकी कलाकृति सेना में समलैंगिकों के प्रति भेदभाव और उत्पीड़न को उजागर करती है। तयरानोग्लू के काम का उद्देश्य इस मुद्दे पर सार्वजनिक बातचीत को प्रोत्साहित करना और लैंगिक समानता की वकालत करना है। तुर्की में एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के अधिकार पहले से ही सीमित हैं और यह जांच उन चुनौतियों को और बढ़ा सकती है। यह मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़े कई सवाल खड़े करता है।