इतिहासकार एमराह सफा गुरकान ने "मजाक की स्वतंत्रता" विषय पर एक वीडियो बनाया है। यह वीडियो, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और हास्य के महत्व पर केंद्रित है। गुरकान का मानना है कि मजाक करने की स्वतंत्रता एक महत्वपूर्ण अधिकार है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए। वीडियो में, उन्होंने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से अपनी बात को समझाया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। गुरकान के इस प्रयास से, मजाक की स्वतंत्रता पर एक महत्वपूर्ण बहस छिड़ गई है।