फ़ीफ़ा द्वारा किए गए एक छोटे से नियम परिवर्तन ने तुर्की की विश्व कप यात्रा को समाप्त कर दिया। जान्ने पालोमाकी के अनुसार, तुर्की की टीम अपनी अक्षमता के कारण पराजित हुई। जून की शुरुआत में तुर्की और पराग्वे के बीच हुए मैच में इस नियम परिवर्तन का बड़ा प्रभाव देखा गया। यह बदलाव अगले सप्ताह होने वाले कई महत्वपूर्ण मैचों के परिणामों को भी प्रभावित कर सकता है। तुर्की की टीम अब अपने देश लौट रही है, जो एक निराशाजनक परिणाम है। इस हार के साथ, तुर्की की विश्व कप में आगे बढ़ने की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं। फ़ीफ़ा के इस निर्णय ने टूर्नामेंट में अप्रत्याशित मोड़ ला दिया है।