तुर्की के प्रमुख वायु, स्थल और नौसेना रक्षा कार्यक्रमों की समय-सीमा में वर्षों की देरी हुई है। स्वदेशी रूप से विकसित इंजन का परीक्षण, जो KAAN लड़ाकू विमान के लिए है, अब लगभग 2032 में शुरू होगा - जबकि अधिकारियों ने पहले कहा था कि विमान 2028 में उड़ान भर चुका होगा। इस देरी से नाटो सदस्य देश को आने वाले कई वर्षों तक विदेशी हथियारों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इन परियोजनाओं में महत्वपूर्ण देरी हुई है, जो तुर्की की रक्षा उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को प्रभावित करेगी। सरकारी सूत्रों ने देरी के सटीक कारणों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी चुनौतियाँ और फंडिंग की कमी इसके पीछे जिम्मेदार हैं। इस देरी से तुर्की की सैन्य क्षमताओं पर असर पड़ सकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। इन परियोजनाओं के पुनर्निर्धारण के लिए नई समय-सीमा तय करने की आवश्यकता है।

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