तुर्की के एक विशेष क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से दुर्लभ ‘काले गुलाब’ पाए जाते हैं। ये गुलाब पहले काले रंग के दिखते हैं, लेकिन धीरे-धीरे गहरे लाल रंग में बदल जाते हैं। यह असाधारण रंग स्थानीय मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के कारण होता है। वैज्ञानिक अब इस फूल और उसके प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। ‘लुई XIV’ के नाम से भी प्रसिद्ध, यह फूल अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस अद्भुत प्राकृतिक चमत्कार को संरक्षित करने के प्रयास जारी हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसका आनंद ले सकें। यह फूल तुर्की की जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।