तुर्की और सऊदी अरब मिलकर एक नई भूमि परिवहन और व्यापार गलियारा बनाने की योजना बना रहे हैं, जो खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा। इस परियोजना से इज़राइल में चिंता पैदा हो गई है, क्योंकि इससे क्षेत्र में इज़राइल का प्रभाव कम हो सकता है। इजरायली मीडिया ने इस परियोजना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, और इसे अपने हितों के खिलाफ बताया है। यह रेल मार्ग तुर्की और सऊदी अरब के बीच संबंधों में सुधार का भी संकेत देता है। माना जा रहा है कि इस परियोजना से क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। इस गलियारे से वस्तुओं और लोगों की आवाजाही आसान होगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन इज़राइल इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देख रहा है। इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्रीय व्यापार और परिवहन परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।