तुर्की की सत्तारूढ़ न्याय एवं विकास पार्टी (एकेपी) ने संसद में अपना 12वां न्यायिक पैकेज पेश किया है, लेकिन इसमें एलजीबीटी समुदाय को लक्षित करने वाले और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए पहचान सत्यापन की आवश्यकता जैसे कई विवादास्पद उपाय शामिल नहीं हैं। अंकारा समाचार एजेंसी के अनुसार, इन उपायों को लेकर जनता में काफी आलोचना हो रही थी। यह विधेयक, जिस पर लंबे समय से बहस चल रही थी, अब सीमित दायरे में प्रस्तुत किया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी ने विवादों से बचने के लिए इन उपायों को फिलहाल हटा दिया है। इस कदम से एलजीबीटी अधिकारों के समर्थकों और सोशल मीडिया की स्वतंत्रता के रक्षकों में राहत की भावना है। विधेयक में अब किन प्रावधानों को शामिल किया गया है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह निश्चित है कि पहले की तुलना में यह कम विवादास्पद है। आगे की कार्यवाही के लिए विधेयक अब संसदीय प्रक्रिया से गुजरेगा।
