तुर्की के राष्ट्रपति ने हाल ही में एक धार्मिक विद्यालय (सेमिनरी) को फिर से खोलने के लिए बातचीत शुरू करने का आदेश दिया है, जो कि आधे से अधिक सदी से बंद था। यह मामला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा उठाया गया था, जो अगले महीने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के लिए आएंगे। माना जा रहा है कि ट्रम्प ने इस मुद्दे को तुर्की के राष्ट्रपति के समक्ष रखा। ग्रीस और यूरोपीय संघ ने भी इस विषय पर अपनी रुचि दिखाई है। यह विद्यालय, जो कि सार्वभौमिक पैट्रिआर्की से संबद्ध है, लंबे समय से बंद था और इसे फिर से खोलने का निर्णय विभिन्न अंतरराष्ट्रीय दबावों और चर्चाओं का परिणाम हो सकता है। इस कदम से तुर्की में धार्मिक स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर प्रभाव पड़ सकता है। आगे की बातचीत से ही यह स्पष्ट होगा कि विद्यालय कब और कैसे खोला जाएगा।
