यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीटीएचआर) ने तुर्की में एक अनुभवी पत्रकार, तुन्सर सेतिंकाया की लगभग दो साल की पूर्व-मुकदमा हिरासत को अधिकारों का उल्लंघन माना है। न्यायालय ने पाया कि सेतिंकाया को कथित तौर पर गुलेन आंदोलन से जुड़े होने के आरोप में पर्याप्त औचित्य के बिना हिरासत में रखा गया था। ईसीटीएचआर ने यूरोपीय कन्वेंशन के अनुच्छेद 5 का उल्लंघन पाया है। सेतिंकाया को 2016 के असफल तख्तापलट के बाद गिरफ्तार किया गया था और उन पर कथित रूप से प्रतिबंधित गुलेन आंदोलन का समर्थन करने का आरोप लगाया गया था। न्यायालय ने तुर्की सरकार को सेतिंकाया को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला तुर्की में पत्रकारों की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के मुद्दे पर प्रकाश डालता है। स्टॉकहोम सेंटर फॉर फ्रीडम ने इस मामले पर रिपोर्ट प्रकाशित की है।