ट्यूनीशिया की टीम ने विश्व कप के अंतिम चरण में प्रवेश पाने के लिए अनुकूल समय-सारणी का लाभ उठाया, जिससे उनकी योग्यता कुछ हद तक भाग्य पर निर्भर रही। विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम फुटबॉल में बढ़ती औसतता का संकेत है। यह सवाल उठता है कि क्या योग्यता प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर 'फुटबॉल की गिरावट के खिलाफ' शीर्षक से एक लेख प्रकाशित किया गया है। लेख में ट्यूनीशिया की योग्यता को एक संयोग के रूप में वर्णित किया गया है। यह घटना विश्व कप में प्रतिस्पर्धा के स्तर और योग्यता मानकों पर बहस को जन्म दे सकती है। इस विषय पर आगे चर्चा और विश्लेषण की उम्मीद है।