ट्यूनीशिया की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति को विदेशी कंपनियों को दिए गए रियायतों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये रियायतें देश के ऊर्जा संकट को हल करने में सहायक नहीं होंगी। विदेशी निवेश पर अत्यधिक निर्भरता स्थानीय ऊर्जा उत्पादन को कमजोर कर सकती है। यह स्थिति ट्यूनीशिया की ऊर्जा स्वतंत्रता के लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है। सरकार पर स्थानीय संसाधनों के विकास और उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने का दबाव बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर आगे बहस और नीतिगत बदलाव की संभावना है। Kapitalis में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे विदेशी रियायतें ट्यूनीशिया की ऊर्जा रणनीति में बाधा बन रही हैं।