संगठन अल बाउसला ने 2026-2030 विकास योजना के मसौदे पर अपनी चिंता व्यक्त की है। यह मसौदा, जिसे 15 जून को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित किया गया था, 17 जून को संसद में प्रस्तुत किया गया। अल बाउसला का कहना है कि योजना में छह महीने की देरी हुई है और इसमें पारदर्शिता की कमी है। संसद के कार्यालय ने 22 जून को इस मसौदे को आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया। संगठन ने इस योजना के कार्यान्वयन में देरी और जानकारी के अभाव को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है। यह मसौदा देश के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और समयबद्धता आवश्यक है। अल बाउसला ने सरकार से योजना के बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक करने और देरी के कारणों को स्पष्ट करने का आग्रह किया है।