ट्यूनीशिया की एक अदालत ने शिक्षिका शिराज जाज़ीरी को परीक्षा में धांधली के आरोपों को सार्वजनिक करने के मामले में दस महीने की निलंबित जेल की सजा सुनाई है। उन पर स्नातक परीक्षा (बैकालॉरिएट) के दर्शनशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र लीक होने की गलत जानकारी फैलाने का आरोप था। यह फैसला 17 जून 2026 को सुनाया गया। मामले की जांच में, शिक्षिका पर लगाए गए आरोपों को अदालत ने सही पाया। हालांकि, सजा निलंबित रखी गई है, जिसका अर्थ है कि शिक्षिका को तुरंत जेल नहीं भेजा जाएगा, बशर्ते वह किसी अन्य अपराध में शामिल न हों। यह मामला शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और सूचना की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को जन्म देता है। इस घटना ने देश में परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर भी बहस छेड़ दी है।
