ट्यूनीशियाई मानवाधिकार लीग (LTDH) ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और 'मनेमटी' एसोसिएशन की अध्यक्ष सादिया मोस्बाह की सजा की कड़ी निंदा की है। गुरुवार, 25 जून 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में इस फैसले पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। लीग के साथ कई अन्य राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है। उनका मानना है कि यह सजा नागरिक समाज और सामाजिक कार्यों के अपराधीकरण की दिशा में एक खतरनाक कदम है। इस मामले को संस्थागत नस्लवाद के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। संगठनों ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के हनन के तौर पर चिह्नित किया है। यह घटनाक्रम ट्यूनीशिया में मानवाधिकारों की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।