ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति कैस सईद ने अपने देश में चल रही अशांति के लिए “वैश्विक ज़ायोनी आंदोलन” को ज़िम्मेदार ठहराया है। यह आरोप उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ टेलीफोनिक बातचीत के दौरान लगाया। सईद ने स्पष्ट रूप से ट्यूनीशिया में हो रही घटनाओं पर सीधे तौर पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने इस संबंध में संकेत दिए। उनका कहना है कि ट्यूनीशिया और अरब जगत में चल रही अशांति इसी आंदोलन का परिणाम है। इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विवाद को जन्म दिया है। यह आरोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है, खासकर इज़राइल और यहूदी संगठनों द्वारा। राष्ट्रपति सईद के इस बयान की व्यापक रूप से आलोचना हो रही है।

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