ट्यूनीशिया एक साधारण समस्या से नहीं, बल्कि गहरी बीमारी से जूझ रहा है जिसके लिए "शांतिदायक" दवाओं की नहीं, बल्कि "सर्जरी" की आवश्यकता है। हिचेम अजबोनी ने एक लम्बे बयान में देश में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि देश यथास्थिति में बना रहा, तो वह “पूर्ण पतन” की ओर अग्रसर है। अजबोनी का मानना है कि ट्यूनीशिया को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इन चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और तत्काल सुधारों का आह्वान किया है। यह बयान ट्यूनीशिया के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है और आने वाले समय में राजनीतिक और आर्थिक बदलावों को जन्म दे सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।