ट्यूनीशिया में, सांसद रीम सघायर ने 2 अक्टूबर 2026 को कहा कि वर्तमान स्थिति में, राष्ट्रपति शासन प्रणाली के कारण, अध्यादेशों का उपयोग आवश्यक है। वह, विधान सामान्य आयोग (commission de la législation générale) की सदस्य होने के नाते, इस बात को स्पष्ट कर रही थीं कि क्यों अध्यादेशों का सहारा लेना उचित है। उनका यह बयान, ‘बिजनेस न्यूज़’ (Business News) पर प्रकाशित एक लेख के दौरान दिया गया था। सघायर का तर्क है कि देश की परिस्थितियों को देखते हुए, राष्ट्रपति के आदेशों के माध्यम से त्वरित निर्णय लेना आवश्यक हो गया है। यह टिप्पणी, ट्यूनीशिया की राजनीतिक व्यवस्था में चल रही बहस के बीच आई है, जहाँ राष्ट्रपति की शक्तियों और विधायी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह घटनाक्रम, ट्यूनीशियाई राजनीति में शासन के स्वरूप और शक्तियों के वितरण पर प्रकाश डालता है।