इमेद औलेद जेब्रिल ने सरकार के २०२७ के वित्तीय विधेयक (PLF) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पिछले वर्षों के वादों का मात्र पुनरावृत्ति है, जिसमें वर्ष की संख्या को बदलकर नए वादे करने की कोशिश की गई है। जेब्रिल ने सरकार पर नई योजनाओं की बजाय पुरानी बातों को दोहराने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकार वास्तविक बदलाव लाने में विफल रही है और केवल खोखले वादे कर रही है। यह आलोचना देश की आर्थिक स्थिति और सरकारी नीतियों के प्रति चिंता व्यक्त करती है। जेब्रिल का यह बयान बिजनेस न्यूज़ में प्रकाशित हुआ है।