अफ़ीफ़ खेफ़ाचा पिछले 20 महीनों से हिरासत में हैं, और उनके बेटे मलिक खेफ़ाचा ने इस मामले पर प्रकाश डाला है। मलिक ने एक लेख के माध्यम से अपने पिता की स्थिति और परिवार की चिंता व्यक्त की है। यह मामला न्याय और राजनीति के बीच के अंतर पर सवाल उठाता है, क्योंकि हिरासत की लंबी अवधि चिंताजनक है। परिवार का मानना है कि यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि मानवीय भी है। वे इस स्थिति पर व्यापक विचार-विमर्श और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यह घटना न्याय प्रणाली की निष्पक्षता और राजनीतिक प्रभाव की संभावना पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। परिवार को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही न्याय मिलेगा।