ट्यूनीशिया की अपील अदालत ने न्यायाधीश अनास हमादी को पहले दिए गए एक साल के कठोर कारावास की सजा को बरकरार रखा है। इस फैसले से कानूनी हलकों में हलचल मच गई है। न्यायाधीश हमादी को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन इस फैसले के खिलाफ उन्होंने अपील की थी। अदालत ने उनकी अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया है। यह मामला ट्यूनीशियाई न्यायपालिका में पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवालों को जन्म दे रहा है। इस निर्णय के बाद आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। यह खबर 'कैपिटालिस' नामक समाचार वेबसाइट पर प्रकाशित हुई थी।