ट्यूनीशिया में पत्रकार खौला बुकरीम को चार साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। राष्ट्रीय पत्रकार संघ (SNJT) ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है और सजा को रद्द करने की मांग की है। SNJT का कहना है कि यह फैसला प्रेस स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर खतरा है और इससे पत्रकारों में आत्म-सेंसरशिप की भावना पैदा हो सकती है। यह सजा डिक्री-लॉ नंबर 54 के तहत जारी की गई है, जिसके आधार पर पत्रकारों पर मुकदमा चलाया जा रहा है। संघ ने इस कानून के इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की है और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास बताया है। इस मामले ने ट्यूनीशिया में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। SNJT ने इस फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की घोषणा की है।