ट्यूनीशियाई अर्थशास्त्री सदोक रुवाई ने अपनी एक पुस्तक में जनवरी 1984 में हुए ब्रेड दंगों के संकट का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक ट्यूनीशिया में उस समय की परिस्थितियों पर एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। रुवाई ने दंगों के कारणों और परिणामों की विस्तृत जांच की है, जिसमें आर्थिक नीतियां और सामाजिक असमानताएं शामिल हैं। उनका शोध इस संकट को समझने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रदान करता है। यह विश्लेषण उन घटनाओं की एक अनूठी तस्वीर पेश करता है जो ट्यूनीशिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थीं। यह पुस्तक Kapitalis पर प्रकाशित हुई है और आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文