ट्यूनीशियाई अर्थशास्त्री अराम बेलहाज ने हाल ही में देश में चल रहे संकट पर प्रकाश डाला है, जिसमें बिजली कटौती और जल आपूर्ति में व्यवधान शामिल हैं। उनका कहना है कि यह संकट किसी आकस्मिक घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि योजना और पूर्वानुमान की कमी का नतीजा है। बेलहाज, कारथेज विश्वविद्यालय में एक शोधकर्ता और अर्थशास्त्र के डॉक्टर हैं, उन्होंने इस गर्मी में आई कठिनाइयों को एक संरचनात्मक समस्या बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दीर्घकालिक रणनीतियों की अनुपस्थिति ने देश को इस स्थिति में पहुँचा दिया है। यह संकट ट्यूनीशिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसके लिए तत्काल ध्यान देने और व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। बेलहाज का विश्लेषण देश के नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है।