मोहम्मद अज़ीज़ा, एक कूटनीतिज्ञ और कवि, अपनी आत्मकथा में विनम्रता, मानवता और खुले विचारों का पाठ प्रस्तुत करते हैं। यह आत्मकथा एक स्वतंत्र व्यक्ति के जीवन के अनुभवों को दर्शाती है। ‘दरिएरा ले मिआर’ (Derrière le miroir) शीर्षक से प्रकाशित यह रचना, अज़ीज़ा के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है। यह पुस्तक उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के अनुभवों का संकलन है। Kapitalis पर प्रकाशित इस लेख में, अज़ीज़ा की आत्मकथा को एक महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान बताया गया है। यह आत्मकथा पाठकों को जीवन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती है। अज़ीज़ा की यह रचना, साहित्य प्रेमियों और उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो जीवन के मूल्यों को समझते हैं।