ट्यूनीशिया की एक अदालत ने मंगलवार को अजमी लौरीमी और मोसाब गरबी की रिहाई की याचिका को खारिज कर दिया है। यह निर्णय आतंकवाद से संबंधित मामलों में विशेषज्ञता रखने वाली आपराधिक कक्ष द्वारा लिया गया। अदालत ने इस्लामी पार्टी अन्नाहधा के महासचिव के मुकदमे की सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख भी निर्धारित की है। इन दोनों व्यक्तियों पर आतंकवाद से जुड़े आरोप लगे हैं, हालांकि आरोपों की प्रकृति स्पष्ट नहीं है। इस फैसले से ट्यूनीशिया में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों में चिंता बढ़ गई है। मामले पर आगे की सुनवाई 3 जुलाई को होगी, जिसमें दोनों आरोपियों के भाग्य का फैसला हो सकता है। यह मामला ट्यूनीशिया की न्यायिक प्रणाली और राजनीतिक स्वतंत्रता से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।