ट्यूनीशिया के निजी बैंकों में जोखिम लेने की क्षमता में कमी आई है, जिससे लघु और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) को वित्तपोषण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। इस प्रवृत्ति का देश की आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि बैंकों की यह सतर्कता एसएमई क्षेत्र के विकास को बाधित कर रही है, जो ट्यूनीशियाई अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वित्तपोषण की कमी के कारण एसएमई विस्तार करने या नए निवेश करने में असमर्थ हैं। यह स्थिति रोजगार सृजन को भी प्रभावित कर रही है। इस मुद्दे पर ‘कैपिटालिस’ में एक विस्तृत विश्लेषण प्रकाशित हुआ है, जिसमें इस समस्या के कारणों और संभावित समाधानों पर प्रकाश डाला गया है। यह रिपोर्ट ट्यूनीशियाई अर्थव्यवस्था के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करती है।
